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“जल्दी आऊंगा” : सिपाही रोहित कुमार यादव (वीरगति प्राप्त)

“जल्दी आऊंगा” : सिपाही रोहित कुमार यादव (वीरगति प्राप्त)

नियति सब कुछ निश्चित कर चुकी होती है , कब , कहाँ क्या होना है, यह भविष्य के गर्भ में छिपा होता है | मनुष्य अपने हिसाब से अपने भविष्य की योजना बनाता रहता है लेकिन नियति की योजना के आगे उसकी योजना फलीभूत नहीं हो पाती क्योंकि नियति का निश्चय अकाट्य होता है | 17 अप्रैल 2019 को ऐसे ही अपने भविष्य की योजना बनाकर कानपुर के वीर योद्धा सिपाही रोहित कुमार यादव छुट्टी से वापस गए थे और अपने परिवार से कह कर गए थे कि “जल्दी आऊंगा” |

सन् 2019 में सिपाही रोहित कुमार यादव 44 राष्ट्रीय राइफल्स में प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे और 44 राष्ट्रीय राइफल्स दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकरोधी अभियान में लगी हुई थी | सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स को अपने सूत्रों से हंडेन गांव में आतंकवादियों के मौजूद होने की सूचना मिली थी | मिली सूचना के आधार पर 44 राष्ट्रीय राइफल्स , केन्द्रीय रिज़र्व पुलिस बल और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की संयुक्त टीम द्वारा आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया । सेना की संयुक्त टीम ने जैसे ही गांव के दनकर मुहल्ले में दाखिल होने का प्रयास किया तो आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सेना की संयुक्त टीम ने जबाबी कार्यवाही शुरू की | आतंकवादी पहले से ही आड़ लेकर बैठे थे और सुरक्षा की दृष्टि से अच्छी स्थिति में थे | वह टीम पर लगातार फायरिंग कर रहे थे, दोनी और से हो रही गोलीबारी में सिपाही रोहित कुमार यादव घायल हो गए। घायल सिपाही रोहित कुमार यादव को इलाज के लिए श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल ले जाया गया | घाव गहरा होने और तेजी से होते रक्तश्राव के कारण वह वीरगति को प्राप्त हो गए |

हंडेन में हुई इस मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन के दो आतंकियों के अलावा उनका एक ओवरग्राउंड वर्कर भी मारा गया। मारे गए आतंकवादियों की पहचान शोपियां निवासी हिज्ब आतंकी शकील अहमद डार उर्फ अबु वासिफ और यावर मुश्ताक डार निवासी बंदाफू जेनपोरा के रूप में हुई ।

सिपाही रोहित कुमार यादव का जन्म कानपुर देहात के गांव डेरापुर में 02 दिसम्बर 1993 को श्रीमती बिमला देवी और श्री गंगा दीन यादव के यहाँ हुआ था | इन्होने अपनी स्कूली शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल कलकत्ता , अर्जुन दास आदर्श इंटर कॉलेज मुरीद पुर कानपुर तथा गलवा पुर इंटर कॉलेज से पूरी की और 28 अक्टूबर 2011 को भारतीय सेना की राजपूत रेजिमेंट में भर्ती हो गये | प्रशिक्षण के उपरांत इनकी तैनाती 17 राजपूत रेजिमेंट में हुई | उनकी शादी 25 अप्रैल 2016 को कुमारी वैष्णवी यादव के साथ हुई थी | सिपाही रोहित कुमार यादव के पिता श्री गंगादीन यादव सेना की सप्लाई कोर से सेवानिवृत्त हवलदार हैं | इनके परिवार में इनके माता पिता, पत्नी वैष्णवी यादव और भाई सुमित हैं |

सिपाही रोहित कुमार यादव की वीरता और बलिदान की याद में उनके पैतृक गाँव डेरापुर में एक शौर्य द्वार बनाया गया है | उनके परिजनों का कहना है कि उनके ग्राम की सड़क का नामकरण सिपाही रोहित कुमार यादव के नाम पर किया जाना चाहिए ताकि नवयुवा पीढ़ी उस रास्ते को देखकर , उस रास्ते पर जाने के लिए उत्प्रेरित हो जिस रास्ते पर चलकर सिपाही रोहित कुमार यादव ने देश सेवा को चुना था |

– हरी राम यादव
सूबेदार मेजर (आनरेरी)
7087815074

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