वैशाख माह की पूर्णिमा के अवसर पर रायबरेली में सद्भावना धम्म मैत्री यात्रा

वैशाख माह की पूर्णिमा के अवसर पर रायबरेली में सद्भावना धम्म मैत्री यात्रा निकाली गई।
इस अवसर पर विश्व शांति एवं लोक कल्याण के लिए तथागत सम्यक सम्बुद्ध से प्रार्थना की गई एवं उनके जीवन पर आधारित झांकियां निकाली गई।
S4 न्यूज़ नेटवर्क
रायबरेली जनपद के विभिन्न सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में त्रिविध पावनी बुद्ध पूर्णिमा मनाई गई। सबसे पहले रायबरेली के डॉ अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर सभी बुद्ध अनुयाई एकत्रित हुए। यहां पर सामाजिक चिंतक डॉ सुनील दत्त ने सामूहिक रूप से बुद्ध वंदना करायी। तत्पश्चात उन्होंने त्रिसरण और पंचशील ग्रहण कराया। इसके बाद विश्व दलित परिषद के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुरील के संयोजकत्व में सद्भावना धम्म मैत्री यात्रा निकाली गई, जिसमें तमाम पुरुषों और महिलाओं ने प्रतिभाग किया।
यह सद्भावना धम्म मैत्री यात्रा शहर के बाबा साहब डॉ अंबेडकर प्रतिमा स्थल से प्रारंभ होकर यूनियन बैंक चौराहा, खालसा चौक, सुपर मार्केट, घंटाघर, कोतवाली रोड, दीवानी कचहरी, बस स्टॉप, डीएम आवास के पास स्थित बुद्ध प्रतिमा स्थल और अस्पताल चौराहा होते हुए पुनः डॉ अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर समाप्त हुई।

यहां एससी एसटी बेसिक टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक अनिल कान्त, अध्यक्ष आसाराम रावत एवं महामंत्री रोहित चौधरी ने तथागत बुद्ध को नमन बंदन करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध वैशाख माह की पूर्णिमा को 563 ईसा पूर्व लुंबिनी वन में पैदा हुए थे, जो इस समय नेपाल में है। इसी दिन वैशाख माह की पूर्णिमा को 528 ईसा पूर्व बोधगया में उन्हें संबोधि प्राप्त हुई थी। इसी वैशाख माह की पूर्णिमा को 483 ईसा पूर्व कुशीनगर में उनका महापरिनिर्वाण हुआ था। उनकी शिक्षाएं पहले भी प्रासंगिक थीं आज भी हैं और भविष्य में भी रहेंगी। आज विश्व में हिंसा और अशांति का माहौल है। बुद्ध के बताए मार्ग पर चल कर ही विश्व में शांति लाई जा सकती है।

यहां पर बुद्ध अनुयायियों को संबोधित करते हुए इंजीनियर एस के आर्या, राम सजीवन धीमन और राम प्रसाद बौद्ध ने बुद्ध के जीवन दर्शन पर आधारित अपने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में सम्राट अशोक, सम्राट कनिष्क और सम्राट हर्षवर्धन जैसे कई राजाओं ने बौद्ध धर्म को राजकीय धर्म घोषित किया था और बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर प्रजा को खुशहाल किया था।
अंत में त्रिविध पावनी बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर अंबेडकर प्रतिमा स्थल के पास एससी एसटी टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के द्वारा लोगों को भोजन दान कराया गया।

बौद्धाचार्य अशोक सावंत एवं एडवोकेट शाक्य एस एन मानव के द्वारा अंत में मंगल मैत्री की कामना की गई। इस सद्भावना धम्म मैत्री यात्रा में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजना चौधरी, पिंकी दोहरे, प्रीती गौतम, पुष्पा रावत, रेखा राजेश कुरील, सुनीता अम्बेडकर, विद्या आर्या, माया आर्या, आर डी कुरील, सी बी गौतम, उपेंद्र कुमार, नीरज रावत, अमर सिंह, विमल किशोर सबरा, हरी प्रसाद शास्त्री, दिनेश वाल्मीकि, शिव शंकर वाल्मीकि, एडवोकेट रामेश्वर भारती, जयप्रकाश, मनोज कुमार, प्रेम चंद भारती, प्रीतम कुमार आदि लोग सम्मिलित रहे।
इस सद्भावना धम्म मैत्री यात्रा को रायबरेली अधिवक्ता संघ एवं राष्ट्रीय बाल्मीकि न्याय पंचायत ने जगह- जगह पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इस यात्रा में बौद्ध धम्म की क्या पहचान, मानव- मानव एक समान जैसे जन कल्याणकारी नारे भी लगाए गए।




